अली खामेनेई: ईरान की शक्ति के केंद्र में, एक धार्मिक और राजनीतिक यात्रा

अली खामेनेई: ईरान की शक्ति के केंद्र में, एक धार्मिक और राजनीतिक यात्रा

 अली खामेनेई: ईरान की शक्ति के केंद्र में

दोस्तों, आज हम बात करेंगे एक ऐसे शख्स की, जो पिछले कई दशकों से ईरान की राजनीति और समाज को दिशा दे रहे हैं – अली खामेनेई। अगर आप ईरान की राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं या फिर जानना चाहते हैं कि कैसे एक इंसान अपने देश की दशा और दिशा को तय कर सकता है, तो ये लेख आपके लिए है।

कौन हैं अली खामेनेई?

अली खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता हैं। 1989 में ईरान के इस्लामी क्रांति के संस्थापक आयतुल्लाह रुहोल्लाह खोमैनी की मृत्यु के बाद उन्होंने इस पद को संभाला। ये केवल राजनीतिक या धार्मिक नेता नहीं हैं, बल्कि ईरान की पूरी शासन प्रणाली में इनका अहम रोल है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ईरान में जितने भी बड़े फैसले होते हैं, उनके पीछे खामेनेई की सहमति सबसे ज्यादा मायने रखती है।

कब और कैसे बने वो सर्वोच्च नेता?

अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये सफर शुरू कैसे हुआ? खामेनेई का जन्म 1939 में हुआ और वो एक धार्मिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने शिया इस्लामी शिक्षा ली और धीरे-धीरे ईरान के इस्लामी आंदोलन में सक्रिय हो गए। 1979 की इस्लामी क्रांति के दौरान उन्होंने अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद वो राष्ट्रपति बने। लेकिन 1989 में खोमैनी की मृत्यु के बाद उन्हें सर्वोच्च नेता बनाया गया। इस पद पर आने के बाद से ही उन्होंने ईरान की विदेश और घरेलू नीति में कई अहम फैसले लिए।

अली खामेनेई की सोच क्या है?

अब बात करते हैं कि उनकी सोच क्या है। खामेनेई का हमेशा से मानना रहा है कि ईरान को आत्मनिर्भर होना चाहिए और पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका, पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उनका दृढ़ विश्वास है कि ईरान को अपनी इस्लामी पहचान और संस्कृति को मजबूत करना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने हमेशा अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ कड़े बयान दिए हैं।

क्यों है उनकी शक्ति इतनी मजबूत?

अब सवाल उठता है कि आखिर खामेनेई की शक्ति इतनी मजबूत क्यों है? इसका जवाब है ईरान का राजनीतिक ढांचा। ईरान में सर्वोच्च नेता का पद राष्ट्रपति से भी ज्यादा ताकतवर होता है। खामेनेई ही सेना, न्यायपालिका, और मीडिया पर नियंत्रण रखते हैं। उनके बिना ईरान में कोई भी बड़ा फैसला नहीं लिया जा सकता।

उनका भविष्य में क्या रोल रहेगा?

आखिर में, सवाल ये भी है कि खामेनेई का भविष्य में क्या रोल रहेगा? हाल के वर्षों में ईरान के अंदर भी बदलाव की मांग उठ रही है। लोग ज्यादा स्वतंत्रता और आर्थिक सुधार चाहते हैं। लेकिन खामेनेई की सोच अभी भी पारंपरिक है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में ईरान किस दिशा में जाएगा।

टिप्पणियाँ